रंगों का त्योहार — हिंदू धर्म के सबसे प्रिय और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक। प्रह्लाद की होलिका से रक्षा, बुराई पर अच्छाई की जीत।
तिथिफाल्गुन पूर्णिमा
अनुमानित माहमार्च
प्रमुख देवताकृष्ण, प्रह्लाद
पर्व का प्रकाररंगों का त्योहार
होली का महत्व
प्रह्लाद की होलिका से रक्षा, बुराई पर अच्छाई की जीत। यह त्योहार हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है और इसका वर्णन पुराणों में विस्तार से मिलता है। इसे पूरे भारत और विश्व भर के हिंदू समुदायों में मनाया जाता है। होली का पर्व सिर्फ धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है — यह परिवारों को एक साथ लाता है, परंपराओं को जीवित रखता है, और अगली पीढ़ी को हमारी संस्कृति से जोड़ता है।
पौराणिक कथा
प्रह्लाद की होलिका से रक्षा, बुराई पर अच्छाई की जीत से जुड़ी मुख्य पौराणिक कथा के अनुसार, कृष्ण इस दिन भक्त प्रह्लाद की होलिका के अग्नि-कुंड से सुरक्षित निकलने की कथा से जुड़ा है, जो भगवान विष्णु की भक्ति की विजय का प्रतीक है।
पूजा विधि (विस्तार से)
संक्षिप्त रीति: होलिका दहन, रंग खेलना, गुजिया बनाना, ठंडाई।
विस्तृत पूजन प्रक्रिया
स्नान और शुद्धि: सूर्योदय से पहले उठें। पवित्र स्नान करें (गंगाजल या तीर्थ के जल से बेहतर)। स्वच्छ वस्त्र पहनें — पीले।
संकल्प: पूजा स्थल पर बैठकर, हाथ में जल, अक्षत और फूल लेकर होली व्रत/पूजा का संकल्प लें।
देव-स्थापना: कृष्ण की प्रतिमा या चित्र को स्वच्छ चौकी पर लाल/पीले वस्त्र पर स्थापित करें।
मंत्र जाप: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय — कम से कम 108 बार जाप करें।
कथा वाचन: होली व्रत कथा का सस्वर वाचन करें — परिवारजन ध्यानपूर्वक सुनें।
आरती और प्रसाद: कर्पूर/घी की आरती करें। प्रसाद (मिठाई, फल) सबको वितरित करें।
दान: ब्राह्मण, गरीब, या मंदिर में दान दें — अन्न, वस्त्र, धन।
व्रत और उपवास के नियम
सुबह से पूजा तक निराहार रहें (या केवल फलाहार)
क्रोध, झूठ, हिंसा, अनैतिक कार्यों से दूर रहें
दिन में सोएं नहीं — मानसिक शुद्धता बनाए रखें
जन्माष्टमी पर मध्यरात्रि तक जागें
परिवार के साथ मिलकर त्योहार मनाएं
क्या करें और क्या न करें
करें: स्नान, पूजा, व्रत, मंत्र जाप, कथा वाचन, दान, परिवार के साथ समय बिताना, मंदिर दर्शन। न करें: मांस-मदिरा सेवन, क्रोध-कलह, झूठ बोलना, अनुचित व्यवहार, इस दिन कोई अशुभ कार्य।
2026 की सटीक तिथि और मुहूर्त
होली 2026 की सटीक तिथि और शुभ मुहूर्त (पूजा का सर्वोत्तम समय) के लिए हमारे विस्तृत English पेज पर जाएं। वहां आपको प्रत्येक शहर के अनुसार सूर्योदय, मुहूर्त, राहु काल, अभिजित मुहूर्त जैसी पूर्ण जानकारी मिलेगी।
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