दीपावली 2026 — संपूर्ण जानकारी
प्रकाश का त्योहार — हिंदू धर्म के सबसे प्रिय और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक। राम का अयोध्या लौटना, लक्ष्मी पूजन।
दीपावली का महत्व
राम का अयोध्या लौटना, लक्ष्मी पूजन। यह त्योहार हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है और इसका वर्णन पुराणों में विस्तार से मिलता है। इसे पूरे भारत और विश्व भर के हिंदू समुदायों में मनाया जाता है। दीपावली का पर्व सिर्फ धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है — यह परिवारों को एक साथ लाता है, परंपराओं को जीवित रखता है, और अगली पीढ़ी को हमारी संस्कृति से जोड़ता है।
पौराणिक कथा
राम का अयोध्या लौटना, लक्ष्मी पूजन से जुड़ी मुख्य पौराणिक कथा के अनुसार, लक्ष्मी इस दिन श्रीराम 14 वर्ष के वनवास के बाद माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे, और अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था।
पूजा विधि (विस्तार से)
संक्षिप्त रीति: लक्ष्मी पूजन, घर सजावट, मिठाई वितरण, पटाखे, रंगोली।
विस्तृत पूजन प्रक्रिया
- स्नान और शुद्धि: सूर्योदय से पहले उठें। पवित्र स्नान करें (गंगाजल या तीर्थ के जल से बेहतर)। स्वच्छ वस्त्र पहनें — पीले या लाल।
- संकल्प: पूजा स्थल पर बैठकर, हाथ में जल, अक्षत और फूल लेकर दीपावली व्रत/पूजा का संकल्प लें।
- देव-स्थापना: लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र को स्वच्छ चौकी पर लाल/पीले वस्त्र पर स्थापित करें।
- आवाहन: मंत्रोच्चार के साथ देव-देवी का आवाहन करें।
- षोडशोपचार पूजन: पाद्य, अर्घ्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, यज्ञोपवीत, गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, ताम्बूल, दक्षिणा, आरती, परिक्रमा, मंत्र पुष्पांजलि अर्पित करें।
- मंत्र जाप: ॐ गं गणपतये नमः — कम से कम 108 बार जाप करें।
- कथा वाचन: दीपावली व्रत कथा का सस्वर वाचन करें — परिवारजन ध्यानपूर्वक सुनें।
- आरती और प्रसाद: कर्पूर/घी की आरती करें। प्रसाद (मिठाई, फल) सबको वितरित करें।
- दान: ब्राह्मण, गरीब, या मंदिर में दान दें — सोना/चांदी।
व्रत और उपवास के नियम
- सुबह से पूजा तक निराहार रहें (या केवल फलाहार)
- क्रोध, झूठ, हिंसा, अनैतिक कार्यों से दूर रहें
- दिन में सोएं नहीं — मानसिक शुद्धता बनाए रखें
- पूजा संपन्न होने तक भोजन न करें
- परिवार के साथ मिलकर त्योहार मनाएं
क्या करें और क्या न करें
करें: स्नान, पूजा, व्रत, मंत्र जाप, कथा वाचन, दान, परिवार के साथ समय बिताना, मंदिर दर्शन।
न करें: मांस-मदिरा सेवन, क्रोध-कलह, झूठ बोलना, अनुचित व्यवहार, इस दिन कोई अशुभ कार्य।
2026 की सटीक तिथि और मुहूर्त
दीपावली 2026 की सटीक तिथि और शुभ मुहूर्त (पूजा का सर्वोत्तम समय) के लिए हमारे विस्तृत English पेज पर जाएं। वहां आपको प्रत्येक शहर के अनुसार सूर्योदय, मुहूर्त, राहु काल, अभिजित मुहूर्त जैसी पूर्ण जानकारी मिलेगी।
Diwali 2026 Full Guide (English) → आज का पंचांग देखें →हिन्दी पंचांग 2026 — Quick Links to Calendar, Mantras, Pilgrimage & Spiritual Content
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