दूसरा अशुभ काल — वैदिक ज्योतिष और पंचांग में यमगंड का गहन महत्व है।
दिन का दूसरा अशुभ समय (राहु काल के बाद)। 90 मिनट का यह काल यात्रा और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए वर्जित।
दिन को 8 भागों में बांटकर यमगंड का खंड निर्धारित होता है। प्रत्येक वार के लिए अलग: सोमवार (5वां), मंगलवार (4वां), बुधवार (3रा), गुरुवार (2रा), शुक्रवार (1ला), शनिवार (7वां), रविवार (4वां)।
यमगंड पंचांग के पंच अंगों में से एक है (या उससे संबंधित अवधारणा है), जिसका दैनिक जीवन में बहुत महत्व है। शुभ कार्य, व्रत, मुहूर्त, और अनुष्ठानों के निर्णय में यमगंड की गणना का प्रयोग होता है।
यमगंड का उपयोग निम्न में होता है:
यमगंड को समझने के लिए इन संबंधित विषयों का अध्ययन भी आवश्यक है: तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, मुहूर्त, राहु काल, अभिजित मुहूर्त, ग्रह, राशि।
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