चांद्र दिन — वैदिक ज्योतिष और पंचांग में तिथि का गहन महत्व है।
सूर्य और चंद्रमा के बीच का 12° अंतर एक तिथि होती है। एक चांद्र महीने में 30 तिथियाँ होती हैं — शुक्ल पक्ष की 15 और कृष्ण पक्ष की 15।
तिथि की गणना सूर्य और चंद्रमा के बीच के देशांश अंतर से होती है। हर 12° का अंतर एक तिथि बनाता है। शुक्ल पक्ष में चंद्रमा सूर्य से दूर जाता है (अमावस्या से पूर्णिमा तक), और कृष्ण पक्ष में नज़दीक आता है (पूर्णिमा से अमावस्या तक)।
तिथि पंचांग के पंच अंगों में से एक है (या उससे संबंधित अवधारणा है), जिसका दैनिक जीवन में बहुत महत्व है। शुभ कार्य, व्रत, मुहूर्त, और अनुष्ठानों के निर्णय में तिथि की गणना का प्रयोग होता है।
तिथि का उपयोग निम्न में होता है:
तिथि को समझने के लिए इन संबंधित विषयों का अध्ययन भी आवश्यक है: तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, मुहूर्त, राहु काल, अभिजित मुहूर्त, ग्रह, राशि।
आज का पंचांग देखें → हिंदी पंचांग →digitalshala4-21). Editorial independence policy →