पूर्ण चंद्र — वैदिक ज्योतिष और पंचांग में पूर्णिमा का गहन महत्व है।
चांद्र महीने का 15वां दिन जब चंद्रमा पूर्ण रूप से प्रकाशित होता है। सत्यनारायण व्रत और चंद्र-संबंधी पूजाओं के लिए शुभ।
जब सूर्य और चंद्रमा एक दूसरे के 180° पर होते हैं — पूर्णिमा कहलाती है। चंद्रमा पूर्ण रूप से प्रकाशित। साल में 12 (कभी 13) पूर्णिमाएं आती हैं।
पूर्णिमा पंचांग के पंच अंगों में से एक है (या उससे संबंधित अवधारणा है), जिसका दैनिक जीवन में बहुत महत्व है। शुभ कार्य, व्रत, मुहूर्त, और अनुष्ठानों के निर्णय में पूर्णिमा की गणना का प्रयोग होता है।
पूर्णिमा का उपयोग निम्न में होता है:
पूर्णिमा को समझने के लिए इन संबंधित विषयों का अध्ययन भी आवश्यक है: तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, मुहूर्त, राहु काल, अभिजित मुहूर्त, ग्रह, राशि।
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