27 चंद्र-मंजिलें — वैदिक ज्योतिष और पंचांग में नक्षत्र का गहन महत्व है।
आकाश को 27 बराबर भागों में बांटा गया है, प्रत्येक भाग एक नक्षत्र है। चंद्रमा प्रत्येक नक्षत्र में लगभग एक दिन रहता है।
360° के आकाश को 27 बराबर भागों (हर भाग 13°20') में बांटा गया है। चंद्रमा हर 27.3 दिन में पूरा चक्र पूरा करता है, इसलिए लगभग एक दिन एक नक्षत्र में रहता है। प्रत्येक नक्षत्र के 4 पाद होते हैं।
नक्षत्र पंचांग के पंच अंगों में से एक है (या उससे संबंधित अवधारणा है), जिसका दैनिक जीवन में बहुत महत्व है। शुभ कार्य, व्रत, मुहूर्त, और अनुष्ठानों के निर्णय में नक्षत्र की गणना का प्रयोग होता है।
नक्षत्र का उपयोग निम्न में होता है:
नक्षत्र को समझने के लिए इन संबंधित विषयों का अध्ययन भी आवश्यक है: तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, मुहूर्त, राहु काल, अभिजित मुहूर्त, ग्रह, राशि।
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