11वीं तिथि — वैदिक ज्योतिष और पंचांग में एकादशी का गहन महत्व है।
चांद्र पक्ष की 11वीं तिथि। विष्णु की प्रिय तिथि। शुक्ल और कृष्ण पक्ष की एकादशी — साल में 24 बार आती है। उपवास का सबसे शुभ दिन।
चांद्र पक्ष की 11वीं तिथि। शुक्ल पक्ष की एकादशी और कृष्ण पक्ष की एकादशी — साल में कुल 24 (कभी 25 जब अधिक मास हो)। हर एकादशी का अलग नाम और महत्व है।
एकादशी पंचांग के पंच अंगों में से एक है (या उससे संबंधित अवधारणा है), जिसका दैनिक जीवन में बहुत महत्व है। शुभ कार्य, व्रत, मुहूर्त, और अनुष्ठानों के निर्णय में एकादशी की गणना का प्रयोग होता है।
एकादशी का उपयोग निम्न में होता है:
एकादशी को समझने के लिए इन संबंधित विषयों का अध्ययन भी आवश्यक है: तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, मुहूर्त, राहु काल, अभिजित मुहूर्त, ग्रह, राशि।
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