नया चांद — वैदिक ज्योतिष और पंचांग में अमावस्या का गहन महत्व है।
चांद्र महीने का अंतिम दिन — चंद्रमा सूर्य के साथ संयुक्त। पितरों की तिथि। पितृ तर्पण और दान के लिए सर्वोत्तम।
जब सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि और देशांश पर होते हैं — यह अमावस्या है। चंद्रमा बिल्कुल दिखाई नहीं देता। साल में 12 बार आती है।
अमावस्या पंचांग के पंच अंगों में से एक है (या उससे संबंधित अवधारणा है), जिसका दैनिक जीवन में बहुत महत्व है। शुभ कार्य, व्रत, मुहूर्त, और अनुष्ठानों के निर्णय में अमावस्या की गणना का प्रयोग होता है।
अमावस्या का उपयोग निम्न में होता है:
अमावस्या को समझने के लिए इन संबंधित विषयों का अध्ययन भी आवश्यक है: तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, मुहूर्त, राहु काल, अभिजित मुहूर्त, ग्रह, राशि।
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